सरकार ने एक बार फिर सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर बड़ी रकम जुटाने की तैयारी कर ली है। इस बार बारी है देश की सबसे बड़ी कोयला कंपनी कोल इंडिया की। केंद्र सरकार कंपनी में अपनी 2 फीसदी तक हिस्सेदारी बेचने जा रही है। इसके लिए ऑफर फॉर सेल (OFS) लाया गया है, जिसमें निवेशकों को बाजार कीमत से सस्ते में शेयर खरीदने का मौका मिलेगा।
सरकार ने कोल इंडिया के शेयर के लिए ₹412 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है। खास बात यह है कि यह कीमत मौजूदा बाजार भाव से करीब 10 फीसदी कम है। मंगलवार को कंपनी का शेयर BSE पर ₹458.25 पर बंद हुआ था। ऐसे में निवेशकों को डिस्काउंट पर शेयर खरीदने का अवसर मिलेगा।
कब खुलेगा OFS?
यह OFS गैर-रिटेल निवेशकों के लिए 27 मई से खुलेगा, जबकि रिटेल निवेशक 29 मई को इसमें बोली लगा सकेंगे। सरकार पहले 1 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त 1 फीसदी ग्रीन शू ऑप्शन भी इस्तेमाल किया जाएगा।
सरकार को होगी करीब ₹5,000 करोड़ की कमाई
सरकार इस हिस्सेदारी बिक्री के जरिए करीब ₹5,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। कुल मिलाकर लगभग 12.32 करोड़ शेयर बेचे जाएंगे। यह चाल सरकार के बड़े विनिवेश लक्ष्य का हिस्सा मानी जा रही है।
निवेशकों के लिए क्यों खास है कोल इंडिया?
कोल इंडिया लंबे समय से मजबूत डिविडेंड देने वाली सरकारी कंपनियों में शामिल रही है। कंपनी का कारोबार स्थिर माना जाता है और कोयले की मांग लगातार बनी हुई है। यही वजह है कि कई निवेशक इसे लॉन्ग टर्म निवेश के लिए अच्छा विकल्प मानते हैं।
FY27 में सरकार का बड़ा लक्ष्य
सरकार ने FY27 के बजट में विनिवेश और एसेट मोनेटाइजेशन से ₹80,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। कोल इंडिया का OFS इसी रणनीति का हिस्सा है। इससे पहले सरकार सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में हिस्सेदारी बेचकर ₹2,266 करोड़ जुटा चुकी है।